मध्यप्रदेश कृषि में महिलाओं के विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार (मापवा योजना के विशेष संदर्भ में)

  • डॉ. अस्मिता जैन

Abstract

सारांश "कृषि को सर्वाधिक प्राथमिकता देने की आवश्यकता है यदि कृषि असफल रहती है तो सरकार एवं राष्ट्र दोनों ही असफल रहते हैं।" -स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्र या समाज की वास्तविक शक्ति उसके मानवीय संसाधन हैं। मानवीय संसाधन में लगभग 50ः महिलाएं हैं। स्त्री और पुरुष एक दूसरे के सहायक तथा पूरक हैं। कृषि में संलग्न कार्यशील माननीय शक्ति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि में महिलाओं की भागीदारी (मापवा योजना) के माध्यम से नवीन तकनीकी पद्धतियों एवं विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जहां नवाचार के विकास और उपयोग की संभावनाएं मोजूद हैं। बीज से बाजार तक की सभी प्रक्रियाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उपयुक्त नीतियां और व्यावहारिक मॉडल विकसित किए गए है। महिला श्रमिकों की बहुआयामी क्षमताओं के कारण कृषि उत्पादकता, ग्रामीण उत्पादन, आर्थिक उन्नति, घरेलू खाद्य सुरक्षा, परिवार की आर्थिक सुरक्षा और कल्याण तथा पारिवारिक स्वास्थ्य स्तर पर प्रभावशाली सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में मध्यप्रदेश कृषि में महिलाओं के विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार के अध्ययन के लिए खरगोन जिले की 320 महिला हितग्राहियों की आय एवं रोजगार सृजन का मूल्यांकन किया गया हैं। प्रस्तुत शोध पत्र की सार्थकता के लिए परिकल्पनाओं का निर्माण कर प्राथमिक आंकड़े एकत्र की गए हैं। मूल शब्दरू कृषि, महिलाएं, नवाचार, विशेष प्रशिक्षण।
How to Cite
डॉ. अस्मिता जैन. (1). मध्यप्रदेश कृषि में महिलाओं के विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार (मापवा योजना के विशेष संदर्भ में). International Journal Of Innovation In Engineering Research & Management UGC APPROVED NO. 48708, EFI 8.059, WORLD SCINTIFIC IF 6.33, 10(2), 97-106. Retrieved from http://journal.ijierm.co.in/index.php/ijierm/article/view/1240