सूक्ष्म और लघु उद्योगों की नवाचार क्षमता - चुनोतियां और अवसर
Abstract
किसी देश के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृति विकास में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की पृष्ठभूमि का विशेष महत्त्व है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग सहायक इकाइयों के रूप में बड़े उद्योगों के पूरक है, स्वदेशी कौशलों आधारिक नवाचारों और उद्यमिता विकास के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए मूल्य श्रृंखला का एक अभिन्न अंग बनाते है। कई वैश्विक कंपनियाँ कम लागत वाले विनिर्माण और स्थानीय कौशलों और क्षमताओं के साथ नवाचारी क्षमताओं के कारण आपसी लाभ की रणनीतिक साझेदारी करने के लिए तैयार है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसरों में वृद्धि एवं बेरोजगारी की समस्या का समाधान भी कर रही है। मूल शब्द- सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, चुनोतिया, अवसर, नवाचार क्षमता।
How to Cite
श्रीमती अर्चना विश्वकर्मा. (1). सूक्ष्म और लघु उद्योगों की नवाचार क्षमता - चुनोतियां और अवसर. International Journal Of Innovation In Engineering Research & Management UGC APPROVED NO. 48708, EFI 8.059, WORLD SCINTIFIC IF 6.33, 10(2), 80-86. Retrieved from http://journal.ijierm.co.in/index.php/ijierm/article/view/1238
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